Chapter 14 गिरगिट Class 10 Hindi Sparsh NCERT Summary

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Chapter 14 गिरगिट Class 10 Hindi Sparsh NCERT Notes

‘गिरगिट’ कहानी अंतोन चेखव द्वारा लिखित एक श्रेष्ठ कहानी है। यह सन् 1884 में लिखी गई थी। प्रस्तुत कहानी में रूस के महान लेखक ने एक ऐसे अवसर का वर्णन किया है जब जारशाही शासन चापलूसों, भाई-भतीजावाद के पोषक अधिकारियों के भरोसे चल रहा था। आज के दिनों में भी यह कहानी प्रासंगिक बना हुआ है|

लेहक परिचय

अंतोन चेखव का जन्म दक्षिणी रूस के तगनोर नगर में 1860 में हुआ था। इन्होनें शिक्षा काल से ही कहानियाँ लिखना आरम्भ कर दिया था। उन्नीसवीं सदी का नौवाँ दशक रूस के लिए कठिन समय था। तह वह समय था जब आज़ाद ख्याल होने से ही लोग शासन के दमन का करते थे। ऐसे समय में चेखव ने उन मौकापरस्त लोगों को बेनकाब करती कहानियाँ लिखीं जिनके लिए पैसा और पद ही सब कुछ था।

गिरगिट Class 10 Sparsh Hindi Explanation and Summary

पुलिस इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव नया ओवरकोट पहने हुए बाज़ार के चौराहे से गुजर रहा था। उसके पीछे लाल बालोंवाला सिपाही था जिसके हाथों में जब्त की गई झरबेरियों की टोकरी थी। चारों ओर खामोशी थी। कोई भिखारी तक आसपास नहीं था। तभी एक कुत्ते के किकियाने की आवाज़ आई। ओचुमेलॉव ने आवाज़ की दिशा में घूरकर देखा।

एक व्यापारी पिचुगिन के काठगोदाम में से एक कुत्ता तीन टाँगों के बल पर रेंगता चला आ रहा है। उसके पीछे एक आदमी दौड़ा हुआ आ रहा है। उसने गिरते-पड़ते कुत्ते को पिछली टाँग से पकड़ लिया। दोनों की आवाजें सुनकर एक भीड़ काठगोदाम को घेरकर खड़ी हो गई। ओचुमेलॉव भीड़ की तरफ चल दिया। उसने देखा – बटन-विहीन बास्केट पहने एक आदमी भीड़ को अपनी उँगली दिखा रहा था । वह कह रहा था – “शैतान की औलाद ! मैं तुझे छोड़ने वाला नहीं ।” ओचुमेलॉव ने उस व्यक्ति को पहचान लिया। वह ख्यूक्रिन नामक सुनार था। कुत्ता सड़क के बीचोंबीच पसरा हुआ काँप रहा था। उसकी आँखों में आतंक व्याप्त था।

ओचुमेलॉव ने कड़क आवाज़ में पूछा – “तुम लोग यहाँ क्या कर रहे हो? तुमने अपनी उँगली क्यों उठा रखी है?” ख्यूक्रिन ने खाँसते हुए उत्तर दिया कि मैं तो चुपचाप चला जा रहा था। मुझे मिस्त्री मित्रिच से लकड़ी लेकर कुछ काम निपटाना था कि अचानक इस कुत्ते ने मेरी उँगली काट खाई। मुझे उस कुत्ते के मालिक से हरजाना दिलवाएँ।

ओचुमेलॉव ने पूछा यह कुत्ता किसका है? मैं इस मामले को छोड़ने वाला नहीं हूँ। मैं इसके मालिक को मज़ा चखाकर रहूँगा। उसने येल्दीन सिपाही को कुत्ते के मालिक का पता लगाने का आदेश दिया। भीड़ में से एक व्यक्ति बोला शायद यह कुत्ता झिगलॉव का है। जनरल झिगलॉव का नाम सुनकर इंस्पेक्टर अपना कोट उतारने लगता है। उसे गर्मी लगने लगती है। वहउल्टा ख्यूक्रिन को दोष देते हुए कहता है कि उसकी उँगली कील आदि से छिल गई होगी और वह कुत्ते के मालिक से झूठा हरजाना वसूलना चाहता है। सिपाही येल्दीरीन भी कहता है कि ख्यूक्रिन ने अवश्य ही अपनी जलती हुई सिगरेट से कुत्ते की नाक जला दी होगी। इसी कारण इसने इसे काटा है। ख्यूक्रिन बार-बार कहता है कि वह झूठ नहीं बोल रहा है|

सिपाही ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि ख्यूक्रिन तो ऐसे काम करता ही रहता है। तब ख्यूक्रिन ने कहा मेरा भी एक भाई पुलिस में है। फिर सिपाही ने गंभीरतापूर्वक कहा यह कुत्ता जनरल साहब का नहीं है क्योंकि उनके सब कुत्ते पोटर हैं। वे सभी कुत्ते महँगे तथा अच्छी नस्ल के हैं और यह तो मरियल – सा पिल्ला है। वे सभ्य आदमी हैं। वे ऐसे कुत्ते नहीं पाल सकते। यदि ऐसा कुत्ता मॉस्को या पीटर्सबर्ग में दिख जाता तो कानून की परवाह किए बगैर इसकी छुट्टी कर दी जाती। इसे हर हालत में मज़ा चखाया जाना चाहिए।

थोड़ी देर में सिपाही पुनः कहता है कि शायद यह कुत्ता जनरल साहब का ही है। भीड़ से भी यह आवाज़ आती है कि कुत्ता जनरल साहब का है । इंस्पेक्टर फिर बदल जाता है वह फिर से ख्यूक्रिन को दोष देना शुरू कर देता है। वह कहता है कि यदि कुत्ते ने उसे काटा है तो इससें सारी गलती उसकी अपनी है। इंस्पेक्टर ओलुमेलॉव को बुरी तरह फटकारता है। उसी समय वहाँ से जनरल साहब का बावर्ची गुजरता है। वह बताता है कि यह कुत्ता तो जनरल साहब के भाई का है। उनके भाई को ही ‘बारजोयस’ नस्ल के कुत्ते बहुत पसंद हैं।

ओचुमेलॉव वह सुनकर प्रसन्नता का ढोंग करता है। वह उस कुत्ते को जनरल साहब के बावर्ची को सौंप देता है। वह उस कुत्ते को अति सुंदर डॉगी और खूबसूरत पिल्ला कहता है। बावर्ची कुत्ते को लेकर चला जाता है। वहाँ खड़ी भीड़ ख्यूक्रिन की हालत पर हँसने लगती हैं। तब इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव ख्यूक्रिन को धमकाकर वहाँ से अपने रास्ते पर चला जाता है।

शब्दार्थ

ज़ब्त – गैर कानूनी होने के कारण कब्ज़ा कर लेना, झरबेरी – बेरी की एक किस्म, किकियाना – पीड़ा के कारण कुत्ते के मुँह से निकलने वाली आवाज़, बारज़ोई – कुत्ते की एक जाति, कमबख्त – अभागा, अकारण – बिना किसी कारण के, पेचीदा – कठिन, गुज़ारिश – प्रार्थना, विनती, हरजाना – नुकसान की भरपाई, खखारना – खाँसना, त्योरियाँ चढ़ाना – बल डालना, इल्म – ज्ञान, रत्ती भर – ज़रा-सा, कानूनी सम्मत – कानून के अनुसार व्यवहार, भद्दा – कुरूप, गाँठ बाँध लेना – अच्छी तरह समझ लेना, किस्सा खत्म – सारी बात समाप्त, आह्लाद – खुशी, भाव-प्रदर्शन-भावों को प्रकट करना, संयोग – मेल ।

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